जीव अजीव | Jeev Ajeev | बाल बोध | जैन कहानियाँ | Jain Story
Muni Pramansagar Ji
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आजकल दोस्तों से ज्यादा बच्चों को खिलौंने प्यारे हैं। रिश्तों से ज्यादा पैसों का महत्त्व हो गया है। आइये अपने बच्चों को जीव और अजीव का ज्ञान करवायें, जिससे उन्हें जीव तत्व के प्रति श्रद्धान हो।











